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UNDERSTANDING SANATAN DHARM

the path towards superior intelligence

About the books

The books

"UNDERSTANDING SANATAN DHARMA" in English language and its translation

" सनातन धर्म एक पुनः विचार" in Hindi language,

have been divided into two parts.

Part I explains the laws which govern the existence of life on Earth according to the ancient scriptures of the Sanatan Dharm. Understanding our existence is also SELF REALIZATION or ATMAGYAN. Therefore Part I of the book is a short introduction to Self Realization. 

"UNDERSTANDING SANATAN DHARMA" अंग्रेज़ी भाषा में तथा उस का हिंदी अनुवाद "सनातन धर्म एक पुनः विचार" हिंदी भाषा में 

दोनो पुस्तकें दो भागों मे विभाजित की गई हैं। 

भाग १ उन सिद्धांतों का विस्तृत रूप से चर्चा व विश्लेषण करता है जो कि भारतीय प्राचीन ग्रंथों के अनुसार पृथ्वि पर जीवन का संचालन करते हैं। अपने जीवन को समझना दूसरे शब्दों में आत्मज्ञान ही है। पुस्तकों के प्रथम भाग आत्मज्ञान का एक लघु परिचय है।

Part II describes the path to be followed to achieve completeness and fulfillment in life and to achieve superior intelligence. Moving upon this path also takes care of other requirements in a person's life which are then provided to him by the all pervading nature. To understand and appreciate Part II it is very important to understand Part I first. Part II also describes the prerequisites without following which the subsequent steps would not result in any benefits.

भाग २ उस मार्ग की चर्चा करता है जिस का अनुसरण कर के मानव जीवन मे पूर्ण सम्पूर्णता प्राप्त कर सकता है तथा उच्चतम बुद्धिमता की ओर अग्रसर हो सकता है। इस मार्ग के अनुसरण करने पर जीवन की आवश्यक्तायें प्रकृति द्वारा स्वतः ही पूर्ण की जाती हैं। भाग २ को समझने हेतु भाग १ का समझना व उस का अनुसरण करना आवश्यक है। भाग २ उन पूर्व आपेक्षित तथ्यों का भी निरूपण करता है जिनका अनुसरण जीवन मे सफलता तथा भाग २ मे बताये गये अन्य पगों की सफलता हेतु अनिवार्य है। 

The books therefore explain the tenets of Sanatan Dharma along with the inter relationships of various concepts, fully supported by scientific reasoning, logic and evidences and fully supported by extensive references from ancient Indian scriptures, giving an over all broad perspective of the Sanatan Dharma. 

दोनो पुस्तकें अतः सनातन धर्म के मूल तत्वों व सिद्धांतों का विवरण, सनातन धर्म मे प्रचलित अनेकों विचार व धारणाओं के बीच के संबंधों का विस्तृत रूप से निरूपण करती हैं। यह समस्त चर्चायें पूर्णतया वैज्ञानिक विश्लेषण व तर्क द्वारा प्रमाणित की गई हैं व वास्तविक जीवन से भी अनेकों प्रमाण प्रस्तुत किये गये हैं। समस्त चर्चायें भारतीय प्राचीन ग्रंथो द्वारा भी प्रमाणित की गई हैं व उन पर ही आधारित हैं, तथा सनातन धर्म का एक व्यापक दृष्टिकोण प्रस्तुत करती हैं।


" In the light of recent advances in the molecular biology, it is significant to note that Darwin's Theory of Evolution is no longer valid. "

"आण्विक जीव विज्ञान मे नविनतम शोध शोध दर्शाते हैं कि डार्विन का इवोलुशन का सिद्धांत मान्य नही है।"


ABOUT DARWIN'S THEORY OF EVOLUTION

Molecular biologist Michael Denton wrote "Darwin's Theory of Evolution is a theory in crisis in light of the tremendous advances we've made in molecular biology, biochemistry and genetics over the past fifty years. We now know that there are in fact tens of thousands of irreducibly complex systems on the cellular level. Specified complexity pervades the microscopic biological world." 

What are those thirty two scientific reasons which prove that Darwin's theory of Evolution is not  valid? 

आण्विक जीव वैज्ञानिक माईकल डेंटन ने लिखा है कि " पिछले पांच दशकों के अत्यधिक आण्विक शोध, जीव रसायन विज्ञान, जनन विज्ञान व आनुवांशिक विज्ञान मे विकास ने यह दर्शाया है कि डार्विन का जीव के विकास का सिद्धांत अब मान्य नहीं है। हमें अब उन दसियों सहस्त्र आण्विक तन्त्रिका विशिष्ट तंत्रों का ज्ञान हो चुका है जो कि जीवों मे कोशिका स्तर पर विद्यमान हैं। अतिसूक्ष्म जैविक स्तर पर विनिष्ट जटिलता व्याप्त है। 

विज्ञान के वे ३२ कौन से तथ्य हैं जो कि डार्विन के इवोलूशन के सिद्धांत को अवैद्य व अमान्य सिद्ध करते हैं?

 


ABOUT HUMAN INTELLIGENCE

According to the book “Your Incredible Brain” by leading researcher Andras Nagy on enhancement of human memory the human brain appears over- endowed. It used to be an often quoted statistic that we only use 10% of our potential brain power. The more psychologists have learnt in the last ten years however, the less likely they are to dare to attempt to quantify our brain potential. The only consistent conclusion is that the proportion of our potential brain power that we use is probably nearer 4% than 10%. 

मानव स्मरण शक्ति के संदर्भ मे आंद्रास नौज द्वारा लिखित पुस्तक "यौर इन्क्रेडिब्ल ब्रेन" के अनुसार मानव मस्तिष्क आवश्यक्ता से कहीं अधिक क्षमतावान है। कई शोध कर्ताओं के अनुमान अनुसार हम अपनी बुद्वि की केवल १० प्रतिशत अनुमानित क्षमता उपयोग मे लाते हैं। पिछले १० वर्षों मे जितना अधिक मनोवैज्ञानिक शोध कर रहे हैं उतना ही वे इस निर्णय पर पहुंच रहे हैं कि हम अपने मस्तिष्क का जितना उपयोग कर रहे हैं वह १० प्रतिशत की अपेक्षा ४ प्रतिशत के निकट है।

According to Dr. Jerome Bruner of Harvard University "We will by conscious command, evolve cerebral centers which will permit us to use powers that we now are not even capable of imagining."

हार्वर्ड  यूनिवर्सिटी के डा० जेरोम ब्रूनर के अनुसार  " हम चेतनायुक्त आदेशानुसार ऐसे मस्तिष्क सम्बंधी केंद्र बिंदुओं को विकसित करेंगे जो कि हमे इतना शक्तिशाली बनायेगा जिसकी हम कल्पना भी नहीं कर सकते।"

Dr. Frederic Tilney, Leading French Brain Specialist says "We are hoarding potentials so great that they are just about unimaginable." "It is the only example of evolution providing a species with an organ which it does not know how to use, a luxury organ, which will take its owner thousands of years to learn to put to proper use- if it ever does."

एक प्रसिद्ध फ्रांसिसी मस्तिष्क विशेषज्ञ डा० फ्रेडरिक टिलने कहते हैं " हम मे इतनी अधिक क्षमतायें हैं जिन की लगभग कल्पना करना भी संभव नहीं है।" " मानव जाति प्रकृति के विकास का एकमात्र उदाहरण है जिसे एक ऐसा अंग प्रदान है जिस का उपयोग वह स्वयं ही नही जानता, एक समृद्ध अंग जिस का सही उपयोग सीखने मे उसे सहस्त्रो वर्ष लग जायेंगे, यदि ऐसा हुआ तो। "

Author's primary studies, research and practice show that human intelligence can be increased to very high levels. His studies and practice of Sanatan Dharm show that Sanatan Dharm's primary objective is to achieve those highest mental capabilities. And with the development of those intellectual capabilities man can achieve goals unheard of not to talk about solving smaller menial problems of daily life.

लेखक के भारतीय ग्रंथो के अध्ययन व शोध तथा सिद्धांत यह दर्शाते हैं कि सनातन धर्म का मूल उद्देश्य उन असीम बौद्धिक क्षमताओं को विकसित करना व प्राप्त करना है। इन असीम बौद्धिक क्षमताओं द्वारा मानव उन लक्ष्यों की प्राप्ति करने मे सक्षम हो सकता है जिस की उसने कल्पना भी नहीं की हो, छोटी मोटी जीवन की समस्याओं सुलझाने की तो बात ही क्या है।


MYTHS DESTROYED 

That Man has evolved from monkeys.

That there can be only one God.

That Astrology is all bunkum.

That there is only one life.

That heaven and hell are at some other place.

That its all right to commit sins.

That sins can be washed away by just having a dip in the holy rivers.

That Mantras are a hoax.

That making money by ill means is ok as long as money is made.

That there is no difference between Cow milk and Buffalo milk, one can drink any of the two.

 

" Scientific research has proven that milk plays a highly significant role in the development of human brain "

"वैज्ञानिक शोधों द्वारा यह प्रमाणित हो चुका है कि दुग्ध का सेवन मानव मस्तिष्क के विकास मे एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है"


" While the entire world drinks Cow milk why is it that the countries of this region that is India, Pakistan etc. are largest producers and consumers of buffalo milk?"

"जब कि सम्पूर्ण विश्व मे गौ का दूध पिया जाता है एसा क्युँ है कि विश्व के इस भाग मे जिस मे भारत व पाकिस्तान हैं यह विश्व के सब से बड़े भैंस दुग्ध के उत्पादक व उपभोगता हैं?"


" Has intelligence of people  been jeopardized by promotion of Buffalo milk in this region ?"

"क्या विश्व के इस भाग के जन मानस की बुद्धि भैंस दुग्ध के उपभोग के कारण भ्रष्ट हो चुकी है?"


" Just like the wealth earned by us is enjoyed by our children and grand children, similarly the sins or the bad karma committed by us leads to the suffering of our children and grand children  because  of pitr dosh"

" जिस प्रकार हमारे द्वारा कमाया गया धन का हमारे बच्चे व संतति आनंद लेते हैं, उसी प्रकार हमारे द्वारा किये गये पाप कर्म द्वारा हमारे बच्चों व संतति को दुःखों का  उपभोग करना पड़ता है।"


" Over the past fifty years, scientists and astrological researchers are discovering a growing body of objective evidence of correlations between celestial positions and terrestrial life. These statistically significant results have been published in peer reviewed journals (including Correlation, a specialist astrological journal). Ironically, some of the strongest evidence has come from experiments backed by skeptical groups including CSICOP."

"पिछले कुछ ५० वर्षो मे वैज्ञानिक व ज्योतिष अनुसंधान समुदाय ग्रहों व मानव जीवन के सम्बंधो मे प्रमाण खोज रहे हैं व इन प्रमाणो की संख्या बढ़ रही है। यह क्रम बद्ध महत्वपूर्ण प्रमाण कई वैज्ञानिक प्रपत्रो मे भी प्रकाशित हो चुके हैं जिन मे कोरिलेशन नामक विख्यात ज्योतिष पत्रिका भी सम्मिलित है। यह व्यंगात्मक है कि सबसे शक्तिशाली प्रमाण उन शोधों से प्राप्त हुये हैं जो कि कुछ विरोधाभासी समुदायों ने करे थे जिन मे CSICOP भी सम्मिलित है।"


OTHER SIGNIFICANT QUESTIONS ANSWERED in the book

What are those scientific research works which prove Astrology to be correct?

वह वैज्ञानिक शोध  कार्य कौन से हैं जो कि  भारतीय ज्योतिष विज्ञान को प्रमाणित करते हैं?

What are those aspects of the law of Karma which have been forgotten?

कर्म के वे कौन से सि सिद्धांत हैं जिन को हम भुला चुके हैं?

How sins corrupt our intelligence?

किस प्रकार पाप  कर्म  हमारी बुद्धि  को भ्रष्ट करते हैं?

The readers would be surprised to know that till date no unified theory on human intelligence has been suggested by any scientific researcher which has been universally accepted.

पाठकों को यह जान कर आश्चर्य होगा कि वर्तमान समय तक मानव बुद्धिमता पर किसी भी शोध कर्ता द्वारा कोई सिद्धांत प्रस्तुत नहीं किया जा सका है जो कि समस्त शोध वैज्ञानिक समुदाय द्वारा मान्य हो। 

How intelligence travels to the next body after rebirth?

किस प्रकार बुद्धिमता पुनर्जन्म पश्चात दूसरे शरीर मे भ्रमण करती है?

What is the Theory of Four Intelligences?

चार बुद्धिमताओं का सिद्धांत क्या है?

Are we using our brain to its full capacity? if not why and how we can increase our intelligence to the highest possible levels?

क्या हम अपने मस्तिष्क का पूर्ण उपयोग कर रहे हैं? यदि नहीं तो हम अपनी बुद्धिमता को उच्चतम शिखर तक किस प्रकार पहुंचा सकते हैं?

What are those forgotten knowledge bases through which just any human can achieve enormous intellectual powers in any specific field ?

वे ज्ञान कोश क्या हैं जिन का उपयोग कर के कोई भी व्यक्ति  किसी भी क्षेत्र मे उच्चतम बुद्धिमता  प्राप्त कर सकता है?

What exactly are the processes through which those intelligence levels and intellectual powers can be achieved?

वे कौन सी प्रक्रियायें हैं जिन का उपयोग कर के शक्तिशाली बुद्धिमता प्राप्त की जा सकती है?

Why prayers are not answered? What are those preliminary requirements on following which prayers will definitely be answered?

भगवान द्वारा प्रार्थनायें क्युँ स्वीकार नहीं की जाती? वे कौन सी प्राथमिकतायें हैं जिन के पूर्ण होने पर अवश्य ही प्रार्थनायें स्वीकार हो सकती हैं?

What makes the Sanskrit language the most important language in the world? and why is it very powerful?

संस्कृत भाषा किस प्रकार विश्व की सबसे महत्वपूर्ण भाषा है? तथा यह भाषा किस प्रकार अत्यन्त शक्तिशाली है?

 


Secret to Eternal Youth ?

Q: What exactly is Kundalini Jagran? 

A: Kundalini Jagran is a set of specific YOGIC exercises through which enormous physical powers can be generated in your body. The author through his research into ancient Indian scriptures has stumbled upon a text which describes specific yogic exercises through which Kundalini Jagran can be achieved. The author has practiced these yogic exercises upon himself and spouse. The results are absolutely astounding.

Few of the results are:

1. At the age of 62 and 58 the author and spouse have more energy levels than young teenage children.

2. Both the author and the spouse have no lifestyle diseases. As commented by a doctor the physical medical parameters of the spouse are similar to that of a young girl.

3. From the day the exercises are commenced the ageing process slows down significantly.

 


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