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UMA KAILASH FOUNDATION

UNDERSTANDING SANATAN DHARMA

WHAT IS LOOKING WITHIN?

अपने अन्दर झांकने की क्रिया क्या है?

WHY DO SEERS SAY THAT IT IS ALL WITHIN YOU?

'समस्त ज्ञान आपके अन्दर है' संत महात्माओं के यह कहने का तात्पर्य क्या है?

HOW YOU CAN ACTUALLY LOOK INSIDE YOU?

अपने अन्दर देखने की वास्तविक क्रिया क्या है?

The questions above are faced by all Hindus and almost every one on Earth.. Lots of wise people say that one must look within oneself, lots of contemporary saints say that all the happiness is within you yourself, you need not go to temples, you need not go and pray in front of Gods etc.

उक्त प्रश्न समस्त हिन्दु जन साधारण व समस्त मानव जाति ने समय समय पर खड़े किये हैं। अनेक संत कहते हैं कि हमे अपने अन्दर देखना चाहिये, कहते हैं कि समस्त सुख अपने अन्दर ही है, आपको मंदिरों के चक्कर काटने की आवश्यक्ता नहीं है, आपको भगवान के सम्मुख गिड़गिड़ाने की अथवा मांगने की भी आवश्यक्ता नहीं है। 

 

BUT THE BIG QUESTION IS HOW DOES ONE GO ABOUT IT?

तो यह सब किस प्रकार सम्भव है व इसके लिये क्या करना होगा? 

At UMA KAILASH FOUNDATION as a result of 40 years of research on ancient Indian texts, we have devised the exact path moving upon which one can start on this path.

यह समस्त ज्ञान ऊमा कैलाश फाउंडेशन आपको देने हेतु प्रतिबद्ध है। हमने वह मार्ग प्रशस्त कर लिया है जिस पर आप तुरन्त चलना प्रारम्भ कर सके हैं।

Just starting upon this path will bring enormous beneficial changes in your life. You can start experiencing the changes within a week of starting. 

इस मार्ग पर चलना आरम्भ करते ही आप जीवन में बड़े व लाभदायक परिवर्तनों का अनुभव करेंगे। यह अनुभव मात्र केवल एक सप्ताह में ही दीखने आरम्भ हो जायेंगे।

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This path is not something new. All our ancient saints defined this path.

यह कोई पूर्णतया नया मार्ग नहीं है। समस्त प्राचीन सन्तों ने यही मार्ग दर्शाया है। यही मार्ग ऊमा कैलाश फाउंडेशन आपको प्रशस्त करता है।

Only that today all of us Indians have forgotten the path. 

वर्तमान समय में यह मार्ग जन साधारण द्वारा भुला दिया गया है।

You spend so much of time, effort and money on looking good and develop your body. But do you also have a developed mind? Surprisingly None of us Indians and most across the world know what is development of mind and how to go about it? You may be in just any profession from lowest to the highest.

आप अपना इतना समय, शक्ति व धन अच्छा दीखने के लिये, शरीर को स्वस्थ्य रखने के लिये करते हैं। क्या आपने कुछ समय, शक्ति व धन अपने मन व बुद्धि को साधने हेतु किया है? क्या आपका मन व बुद्धि पूर्णतया आपके नियंत्रण मे है? मन व बुद्धि को साधने की प्रक्रिया क्या है? व मन व बुद्धि को किस प्रकार साध कर समस्त लक्ष्यों की प्राप्ति की जा सकती है? चाहे आप जिस किसी भी व्यवसाय में हों।

Take an annual membership. We shall tell the exact path, how to start on the path. Then every month we shall send a Newsletter which will describe as to what you must be doing thereafter.

ऊमा कैलाश फाउंडेशन की वार्षिक सदस्यता प्राप्त कर के इस मार्ग को जानें। हम आपको सटीक मार्ग बतायेंगे। तथा एक वर्ष तक हर महीने ई पत्रिका भी भेजेंगे।

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ABOUT THE AUTHOR

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N.K.Tawakley has been a science student and an Engineering professional holding B. E. (Hons.) degree in Electrical & Electronics Engineering, he also holds a Diploma in Business Management. With an aptitude for spiritual understanding N. K. Tawakley has focused his research upon the crux of philosophy of Sanatan Dharma in relation to and with the background of the modern science and technology. His bent towards study of spiritual subjects started in 1973 immediately after high school. Since then he has been collecting and studying ancient Indian texts. His reading has included the Puranas, Vedas, Upnishads, Tantra texts, The Ramayana and Srimad Bhagwad Gita, Manusmriti etc. 

On the professional front he is into the business of manufacturing LED lighting, Lighting Poles and Edison bulb lighting fixtures. He is also trading in different type of machinery related to printing & packaging and smart cards.

N.K.Tawakley has also forayed into fine arts with many awards in sketching, composition, oil painting etc. to his credit. 

He has also held the post of President in few social organizations and conducted social programs.

एन०के०तवाक्ले विज्ञान के छात्र रहे हैं तथा तकनीकि व्यवसाई हैं व विद्युत व आण्विकि मे बी०ई०(औनर्स) की डिग्री प्राप्त हैं, व बिज़नस मैनेजमेंट मे डिपलोमा प्राप्त हैं।आध्यात्मिक ज्ञान की ओर इनका झुकाव व प्राकृतिक रुचि रही है व इन्होने अपना शोध कार्य सनातन धर्म के मूल तत्वों की खोज पर केन्द्रित किया है वह भी आधुनिक विज्ञान व तकनीकि की पृष्टभूमि व संदर्भ मे। सन १९७३ से उच्च विद्यालय शिक्षा प्राप्त करने के पश्चात ही इन्होने आध्यात्मिक विषयों का अध्ययन प्रारम्भ किया। तब से ये प्राचीन भारतीय ग्रंथो का संकलन, अध्ययन कर रहे हैं तथा सनातन धर्म के सिद्धांतों पर शोध कार्य स्वयं के जीवन पर कर रहे हैं। इन्होने पुराणो, वेदो, उपनिषदो, तंत्र, रामायण, श्रीमद्भागवद्गीता, मनुस्मृति इत्यादि लगभग २०० ग्रंथों का संकलन व अध्ययन किया है। 

व्यवसाय मे यह एल०ई०डी० लाईटिंग, लाईटिंग पोल, एडिसन बल्ब लाईटिंग फिक्सचर्स के प्रौद्योगिकी मे हैं। ये प्रिंटिंग व पैकेजिंग सम्बंधित मशीनरी तथा स्मार्ट कार्ड मशीनरी के व्यवसाय मे भी हैं।

एन०के०तवाक्ले की रुचि ललित कला मे भी रही है व इन्होने कई पुरस्कार भी जीते हैं।

एन०के०तवाक्ले कुछ शीर्श समाज सेवीसंस्थानो के अध्यक्ष पद पर भी रह चुके हैं व अनेकों समाज सेवी कार्यक्रमों का संचालन भी किया है।

 

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